हेलो फ्रेंड्स आपके लिए एक नई जानकारी के साथ हम अपने ब्लॉग पर हाजिर हैं आपको यह जानकारी भारत सरकार एवं अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से दी जा रही है। जिसमें अब आप क्षेत्र संस्थान में एडमिशन के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए आधार कार्ड पासपोर्ट व शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए या फिर किसी सरकारी नौकरी के लिए सारे काम के लिए मात्र एक ही प्रमाण पत्र समस्त कार्यों में उपलब्ध रहेगी। जिसे हम जन्म प्रमाण पत्र कहते हैं। जन्म प्रमाण पत्र एक ऐसा दस्तावेज है जो केवल 1 अक्टूबर से देश भर में प्रभावित होने जा रहा है।
13 सितंबर को रजिस्टार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक संशोधित अधिनियम रजिस्टार जनरल को पंजीकृत जन्म और मृत्यु राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने का अधिकार देता है। जन्म प्रमाण पत्र के माध्यम से पूरे देश भर में राज्य स्तरीय और राज्य स्तरीय जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र में डाटाबेस तैयार करने में मदद करता है लोगों के लिए सार्वजनिक सेवाएं सामाजिक लाभ एवं उन आर्थिक लाभों के लिए भी जनन प्रमाण पत्र एक दस्तावेज के रूप में कार्य करता है। जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अपने नजदीकी सरकारी कार्यालय से संपर्क करना पड़ता है । आधार पासपोर्ट विवाह पंजीकरण सरकारी नौकरी क्षेत्र संस्थान में प्रवेश ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना, मतदाता सूची तैयार करवाना इन सभी में एकल दस्तावेज का कार्य करता है बर्थ सर्टिफिकेट।
यदि किसी का जन्म बनवाना हो तो उन मामले में माता-पिता और सूचना देने वाले का आधार नंबर लगता है। यदि जेल में किसी का जन्म होता है तो जेलर का आधार कार्ड या फिर होटल या लॉज में जन्म होने पर मैनेजर का आधार नंबर लगता है। राज्य के मुख्य रजिस्ट्रार पंजीकृत जन्म और मृत्यु के डाटा को राष्ट्रीय डेटाबेस में साझा करने के लिए भी यह बात है किसी भी कार्रवाई आदेश के खिलाफ रजिस्ट्रार या मुख्य रजिस्ट्रार के पास अपील की जा सकती है ऐसा 30 दिन के भीतर करना होता है। जिला स्तर या मुख्य रजिस्ट्रार को अपील की तारीख से 90 दिन में यह फैसला भी देना होता है। 1 अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे को एकल दस्तावेज लोगों को जन्म तारीख का स्थान साबित करने के लिए बस जन्म प्रमाण पत्र ही देना होगा क्षेत्र संस्थान ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि में यही मान्य होगा गोद लिए अनाथ बच्चों का पंजीकरण भी अनिवार्य होगा नए एक्ट में गोद लिए अनाथ सरोगेट बच्चों और सिंगल पेरेंट्स या फिर अविवाहित मां के बच्चे का पंजीकरण भी करना सुनिश्चित हो किया गया है ऐसा दावा है कि नए कानून से किसी तरह का नुकसान नहीं होगा डेटाबेस को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा।
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