SIP vs FD : (Systematic Investment Plan)
SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) और FD (फिक्स्ड डिपॉजिट)
दोनों ही निवेश के लोकप्रिय विकल्प हैं, लेकिन दोनों की अपनी विशेषताएं हैं। आइए आपके दिए गए आंकड़ों के आधार पर इनकी तुलना करते हैं
SIP म्यूचुअल फंड में निवेश का एक तरीका है जहाँ आप नियमित रूप से (जैसे हर महीने) एक निश्चित राशि का निवेश करते हैं। इसमें
चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलता है और यह बाजार से जुड़ा होने के कारण आमतौर पर FD से बेहतर रिटर्न दे सकता है, लेकिन इसमें जोखिम भी होता है।
आपके दिए गए आंकड़े:
रिटर्न दर (अनुमानित): 14% प्रति वर्ष
मासिक निवेश: ₹5,000
समय के साथ रिटर्न: 5 साल बाद: ₹4.3 लाख (लगभग)
10 साल बाद: ₹13 लाख (लगभग)
SIP के फायदे:
उच्च रिटर्न की संभावना: इक्विटी बाजार से
जुड़ा होने के कारण, FD की तुलना में अधिक रिटर्न देने की क्षमता होती है। छोटी शुरुआत: आप छोटी मासिक
किस्तों से निवेश शुरू कर सकते हैं। अनुशासन: यह नियमित निवेश की
आदत डालता है। रुपये की औसत लागत (Rupee Cost Averaging): बाजार के उतार-चढ़ाव का लाभ मिलता है, क्योंकि जब बाजार गिरता है तो आप अधिक
यूनिट खरीदते हैं।
SIP के नुकसान:
बाजार जोखिम: रिटर्न बाजार के
प्रदर्शन पर निर्भर करता है,
इसलिए इसमें गिरावट का जोखिम होता है। गारंटीशुदा रिटर्न नहीं: रिटर्न की कोई
गारंटी नहीं होती है।
FD एक सुरक्षित निवेश विकल्प है जहाँ आप
बैंक या वित्तीय संस्थान में एक निश्चित अवधि के लिए एकमुश्त राशि जमा करते हैं।
इसमें आपको पहले से तय ब्याज दर मिलती है, इसलिए रिटर्न की गारंटी होती है।
आपके दिए गए आंकड़े:
रिटर्न दर (गारंटीशुदा): 7.5% प्रति वर्ष
एकमुश्त निवेश: ₹6 लाख
समय के साथ रिटर्न: 5 साल बाद: ₹8.6 लाख (लगभग)
10 साल बाद: ₹12.6 लाख (लगभग)
FD के फायदे:
सुरक्षित और
गारंटीशुदा रिटर्न: आपके निवेश और ब्याज पर कोई जोखिम नहीं होता है। निश्चित रिटर्न दर: आपको पहले से पता
होता है कि आपको कितना रिटर्न मिलेगा। आपका मूलधन सुरक्षित रहता है।
FD के नुकसान:
कम रिटर्न: आमतौर पर SIP या अन्य
इक्विटी-आधारित निवेशों की तुलना में कम रिटर्न मिलता है। महंगाई का असर: कम रिटर्न के कारण, महंगाई आपके पैसे की क्रय शक्ति को कम
कर सकती है।
निष्कर्ष और तुलना
आपके दिए गए आंकड़ों के आधार पर:
5 साल बाद: SIP (₹4.3 लाख) FD (₹8.6 लाख) से कम रिटर्न दे रहा है, क्योंकि आपने SIP में धीरे-धीरे
निवेश किया है जबकि FD में एकमुश्त बड़ी रकम लगाई है।
10 साल बाद: SIP (₹13 लाख) FD (₹12.6 लाख) से थोड़ा बेहतर रिटर्न दे रहा है। यह SIP में चक्रवृद्धि
ब्याज और उच्च रिटर्न दर के कारण है।
निर्णय कैसे लें?
आपका निवेश निर्णय आपके जोखिम सहनशीलता (Risk Tolerance) और वित्तीयलक्ष्यों(Financial
Goals) पर निर्भर करता है:
यदि आप जोखिम लेने
को तैयार हैं और उच्च रिटर्न की तलाश में हैं, तो SIP एक बेहतर विकल्प हो सकता है। यह लंबी
अवधि में धन सृजन के लिए बहुत प्रभावी है।
यदि आप जोखिम नहीं लेना चाहते और अपनी
पूंजी की सुरक्षा और निश्चित रिटर्न चाहते हैं, तो FD एक अच्छा विकल्प है। यह उन लोगों के
लिए उपयुक्त है जिन्हें निकट भविष्य में पैसे की आवश्यकता हो सकती है या जो
बिल्कुल भी जोखिम नहीं लेना चाहते।
आप अपनी जरूरतों के
अनुसार दोनों का मिश्रण (कुछ पैसा SIP में और कुछ FD में) भी कर सकते हैं ताकि संतुलन बना
रहे।
निवेश बाजार जोखिम के अधीन हैं, योजना से संबंधित सभी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें।
SIP vs FD
SIP Return Rate= 14%
5000/- Month after 5 year 4.3Lac
After 10 year 13 Lac
Fixed Deposited
Return Rate=7.5%
6Lac One Time Invest
after 5 year 8.6Lac
After 10 year 12.6
Lac
